माँ चंद्रहासिनी देवी का मंदिर रायगढ़ का लोकप्रिय मंदिर

चंद्रहासिनी देवी छत्तीसगढ़ का लोकप्रिय मंदिर

माँ चंद्रहासिनी देवी का मंदिर छत्तीसगढ़ का लोकप्रिय मंदिर माना जाता है | क्योकि छत्तीसगढ़ के सभी शक्तिपीठ माताओं के मंदिर मे एक चंद्रहासिनी देवी का भी मंदिर है और मां चंद्रहासिनी देवी का मंदिर 1 हजार वर्ष से अधिक पुराना |

माँ चंद्रहासिनी देवी मंदिर के दर्शन के लिए देश-विदेश और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से पर्यटक आते है |

यहाँ पर मां दुर्गा के 52 शक्तिपीठों में से एक स्वरूप मां चंद्रहासिनी के रूप में विराजित है |

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले के डभरा तहसील में मांड नदी, लात नदी और महानदी के संगम पर स्थित चन्द्रपुर जहाँ माँ चंद्रहासिनी देवी का मंदिर है |

चन्द्रमा की आकृति जैसा मुख होने के कारण इसकी प्रसिद्धि चंद्रहासिनी और चंद्रसेनी माँ के नाम से जानी जाती है।

माँ चंद्रहासिनी पर हम सभी का अपार श्रद्धा एवं विश्वास है। आस पास का वातावरण बहुत ही सुन्दर और स्वच्छ होने के कारन इस मंदिर का चमक दूर दूर तक फैला हुआ है |

छत्तीसगढ़ के कोने- कोने से आने वाले भक्त माता के दरबार में नारियल,अगरबत्ती, फूलमाला लेकर पूजा-अर्चना करके अपनी मनोकामना पूरी करते हैं।

माँ अपने बच्चों का नि:स्वार्थ भाव से सबकी मनोकामना पूर्ण करती है।

यहाँ आने वाले सभी श्रद्धालुजन अपना इच्छित कामना की पूर्ति करते हैं। माता पर भक्तों का आस्था की कोई सीमा नहीं है, उसकी प्रकार माँ की कृपा भक्तों पर इसकी भी कोई सीमा नहीं है। माँ की पावन धरा पर आश्विन नवरात्रि और चैत्र नवरात्रि में छटा देखने लायक रहती है। निराली छटा देखते जी नहीं भरता है, माता के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठता है।और वर्षभर भक्तों का आना -जाना लगा रहता है। मेले के अवसर पर भक्तों की लम्बी कतारें लगी रहती है। मेले के समय लाखो की संख्या में भक्त आते है लोग अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए ज्योतिकलश नवरात्रि के अवसर पर जलाते हैं।

इस मंदिर में हजारो की सख्या में ज्योतिकलश नवरात्री के समय जलाया जाता है

और श्रद्धालु मनोकामना पूरी करने के लिए यहां बकरे व मुर्गी की बलि देते हैं।

और चंद्रपुर के माता चंद्रहासिनी के साथ साथ दुर्गा , काली माता , शंकर और हनुमानमंदिर परिसर में अर्द्धनारीश्वर, महाबलशाली पवन पुत्र, कृष्ण लीला, चीरहरण, महिषासुर वध, चारों धाम, नवग्रह की मूर्तियां, सर्वध र्म सभा, शेषनाग शय्या  तथा अन्य देवी-देवताओं की भव्य मूर्तियां जीवन्त बनाया गया है

जिसमे से शंकर- पार्वती भगवान की 50 से 60 फीट ऊचा मूर्ति बना हुआ है

जो बहुत सुन्दर है और हनुमान भगवान 100 से 110 फीट ऊचा मूर्ति विराजित है |

छत्तीसगढ़ के जांजगीर चाम्पा के जिले के डभरा तसील के चंद्रपुर में विराजित है |

  • इस मंदिर के पास में महानदी बहता है |
  • माता चंद्रहासिनी के दर्शन के लिए सड़क मार्ग और रेलवे मार्ग उपलब्ध है |
  • सड़क मार्ग से 1 . रायगढ़ से चंद्रपुर की दुरी 30 कि.ली. है |
  • जांजगीर-चाम्पा से चंद्रपुर की दुरी करीब 103 कि.मी. है|
  • बिलासपुर से चंद्रपुर की दुरी 140 कि.मी. है | रेलवे मार्ग रायगढ़ जिले से चंद्रपुर तक है |
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