BIG BREAKING:- पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय ने वार्षिक परीक्षाओं की जारी की नोटिस

BIG BREAKING:- पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय ने वार्षिक परीक्षाओं की जारी की नोटिस

कोरोना संक्रमण की वजह से पिछली बार रविवि<को वार्षिकपरीक्षाओं के पेपर छात्रों ने घर से लिखकर जमा किया। इसका असर रिजल्ट पर भी पड़ा। ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर में 90 फीसदी से ज्यादा छात्र पास हो गए। इस बार रविवि की परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में होगी। छात्रों को सेंटर में आकर पेपर लिखना होगा। इसलिए सभी के रिजल्ट पर नजर रहेगी। खासकर फर्स्ट ईयर के नतीजे को लेकर क्योंकि कोरोना काल से पहले जब परीक्षाएं सेंटर में आयोजित की जाती थी तब ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर में 65 से 70 फीसदी फेल होते थे

पिछली बार बीएससी, बीकॉम, बीए व बीसीए फर्स्ट ईयर में पास होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी थी< तब हुई स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा में करीब 45 हजार परीक्षार्थी

शामिल हुए थे। इसमें से चार<पांच हजार ही या तो फेल हुए थे या फिर पूरक की पात्रता मिली थी। अधिकांश छात्र पास हो गए। परीक्षा के नए पैटर्न का छात्रों को फायदा मिला। इसके तहत ऑनलाइन प्रश्नपत्र भेजे गए और कॉलेजों से आंसरशीट बांटी गई। सवालों के जवाब लिखने के लिए भी पहले की तुलना में काफी समय दिया गया। लेकिन इस बार फिर कोरोना काल से पहले की स्थिति में परीक्षा होगी।

यानी छात्रों को केंद्र में आकर पेपर लिखना होगा< गौरतलब है कि रविवि की वार्षिक परीक्षाएं अप्रैल से शुरू होगी। इसके लिए समय-सारणी इस महीने जारी हो सकती है। परीक्षा के लिए पिछले दिनों आवेदन मंगाए गए थे। करीब 1.82 लाख छात्रों के आवेदन मिले हैं। नियमित के साथ ही प्राइवेट से परीक्षा देने वाले छात्रों के भी बड़ी संख्या में आवेदन

रविवि की परीक्षाओं में फर्स्ट ईयर के नतीजे पर रहेगी नजर, ऑफलाइन मोड पर होगी परीक्षा

कुछ विषयों की परीक्षा सेंटर में, कुछ घर

वर्ष 2020 में वार्षिक परीक्षा शुरू होने के कुछ दिनों के बाद कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन लगा< इसलिए कुछ विषयों की परीक्षा सेंटर में और कुछ पेपर छात्रों घर से लिखकर जमा किया। इसलिए रिजल्ट में कुछ सुधार हुआ। वर्ष 2021 में सभी विषयों की परीक्षा छात्रों ने घर से दी। इसमें अधिकांश कक्षाओं में 90 फीसदी से ज्यादा पास हुए।

30 से 35 फीसदी ही होते थे दो साल पहले रविवि की वार्षिक परीक्षाएं जब सेंटर में आयोजित की जाती थी तब बीएससी, बीकॉम ही नहीं बीए में भी बड़ी संख्या में छात्र फेल होते थे< ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर का रिजल्ट 30 से 35 प्रतिशत रहता से था। बीसीए का रिजल्ट सबसे कमजोर रहता था। इसमें 25 से 30 प्रतिशत ही पास होते थे। कुछ साल पहले, रविवि ने बीसीए के पाठ्यक्रम में बदलाव भी किया। लेकिन फिर भी रिजल्ट पर असर नहीं पड़ा। बीसीए में फेल होने वाले छात्रों की संख्या 65 से

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One comment

  1. BIG BREAKING:- मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी स्कूल कॉलेजों की परिक्षाओं के लिए जारी की आदेश - Explorechhattisgarh.in says:

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