Durg University News हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की बीसीए , बीए और बीएससी के मुख्य परीक्षा के लिए जारी हुये आदेश

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय स्नातक स्तर की परीक्षाओं की तिथियां बुधवार को घोषित कर दी हैं। <इसके अनुसार बीसीए की परीक्षाएं 16 अप्रैल से होंगी तो बीए, बीकॉम और बीएससी की 18 से।< परीक्षाएं तीन पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 7 से 10, दूसरी पाली सुबह 11 से दोपहर 2 और> तीसरी पाली दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक तय की गई है। विश्वविद्यालय जरूरत के अनुसार समय सारणी में के आंशिक संशोधन कर सकता है।

जारी आदेश के अनुसार बीएससी और बीए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय की परीक्षाएं 18 अप्रैल से 6 जून तक होगी।< बीकॉम के पेपर 18 अप्रैल से 25 मई तक होगी। बीएससी (होम साइंस) प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय का पर्चा 18 अप्रैल से 13 मई तक होगी।< बीए बीएड प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ की परीक्षा 18 अप्रैल से 23 मई तक प्रस्तावित है। बीएससी बीएड प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ के पेपर 18 अप्रैल से 31 मई तक होंगे। बीलिब की परीक्षा 25 अप्रैल से 17 मई तक ली जाएगी। बीसीए प्रथम, द्वितीय और तृतीय की परीक्षा 16 अप्रैल से 20 तक होगी। इधर छात्रों को पुराने पैटर्न से परीक्षा को लेकर परेशानी है। उन्होंने इसे लेकर शिकायत भी दर्ज कराई 5/6 , लेकिन निराकरण नहीं हुआ है।

कोविड की वजह से नहीं बदला है परीक्षा का पैटर्न

यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार परीक्षा पैटर्न में बदलाव करना 4/8 , लेकिन इसे लागू करने के लिए विश्वविद्यालयों को स्वतंत्रता दी गई है।< दो साल से कोरोना संक्रमण के प्रभाव को देखते हुए और ऑनलाइन हुई परीक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा पैटर्न में बदलाव नहीं किया गया है।>< पहले की तरह प्रत्येक यूनिट से 2 – 2 सवाल पूछे जाएंगे। प्रत्येक युनिट से अपनी सुविधानुसार उन्हें 1-1 सवाल हल करना होगा। सवाल दीर्घ उत्तरीय होंगे। >उत्तर लिखने में आसानी होने की उम्मीद है।

पुराने पैटर्न से परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या कम

पुराने पैटर्न में ही परीक्षा लेने के कोरोना के अलावा दो और प्रमुख कारण है।< पहला है अभी भी पुराने पैटर्न से परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या कम से कम 10 फीसदी है। यानी परीक्षा के लिए पंजीकृत 1.93 लाख परीक्षार्थियों में से 9300 परीक्षार्थी पुराने पैटर्न वाले हैं। साथ ही इस बार 10 हजार से अधिक परीक्षार्थी 8 – 10 साल अंतराल के बाद परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा कई प्राध्यापक भी नए पैटर्न से प्रश्न पत्र बनाने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि नए पैटर्न में मेहनत ज्यादा है।

नए पैटर्न में लघुत्तरीय और वस्तुनिष्ठ सवाल भी

प्रस्तावित नए परीक्षा पैटर्न में निबंधात्मक उत्तर के स्थान पर कम से कम 35 फीसदी सवाल <अति लघुत्तरीय, लघुत्तरीय और वस्तुनिष्ठ तरीके से होने चाहिए। इसमें खाली स्थान भरो, असत्य बताओ, उचित संबंध जोड़ो पैटर्न के सवाल शामिल हैं। इससे पढ़ाई पूरी होने और डिग्री >लेने के बाद परीक्षार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में आसानी होने की उम्मीद है।

प्रत्येक पर्चे में दो से तीन दिन का गेप दिया गया

कुलसचिव डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा की तिथियां प्रस्तावित की गई हैं। सभी कक्षाओं की परीक्षाएं ऑफलाइन होगी। प्रत्येक पर्चे में दो से तीन दिन का< अंतराल रखा गया है। इससे परीक्षार्थी को परीक्षा की तैयारी करने में और कोर्स का रिविजन करने में सुविधा होगी। परीक्षा की तैयारी के लिए सभी प्राचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। उसके अनुसार उन्हें तैयारी और बैठक व्यवस्था रखने को कहा गया है।

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