📍 Tamor Pingla Wildlife Sanctuary का परिचय
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्थित, Tamor Pingla Wildlife Sanctuary राज्य के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है। इसका नामकरण दो प्रमुख भौगोलिक विशेषताओं के आधार पर किया गया है: तमोर पहाड़ी (Tamor Hill) और पिंगला नाला (Pingla Nala)। यह अभयारण्य लगभग 608 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अब इसे गुरु घासीदास नेशनल पार्क के साथ मिलाकर एक टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता इसे पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाती है।
📜 इतिहास और महत्व
Tamor Pingla Wildlife Sanctuary की स्थापना 1978 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र की समृद्ध वनस्पति और वन्यजीवों का संरक्षण करना था। यह क्षेत्र हाथियों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है और झारखंड व ओडिशा से आने वाले हाथियों के झुंडों के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारा (Corridor) प्रदान करता है।
भौगोलिक रूप से, यह विंध्याचल पर्वतमाला का हिस्सा है और यहाँ का भूभाग पहाड़ी और उबड़-खाबड़ है। रिहंद नदी की सहायक नदियाँ इस जंगल की जीवनरेखा हैं, जो यहाँ के वन्यजीवों को साल भर पानी उपलब्ध कराती हैं।
🐆 Tamor Pingla Wildlife Sanctuary में वन्यजीव
यह अभयारण्य जैव विविधता का खजाना है। यहाँ साल और बांस के मिश्रित पर्णपाती वन (Mixed Deciduous Forests) पाए जाते हैं। यहाँ के प्रमुख वन्यजीव इस प्रकार हैं:
एशियाई हाथी (Asian Elephant): यह अभयारण्य हाथियों की उपस्थिति के लिए जाना जाता है। यहाँ अक्सर हाथियों के झुंड देखे जा सकते हैं।
तेंदुआ (Leopard) और बाघ (Tiger): यद्यपि बाघों की संख्या कम है, लेकिन तेंदुए यहाँ सामान्यतः देखे जाते हैं।
शाकाहारी जीव: यहाँ चीतल, सांभर, नीलगाय, चिंकारा और बार्किंग डियर (Barking Deer) बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।
भालू (Sloth Bear): यहाँ भालुओं की भी अच्छी आबादी है।
पक्षी: यह स्थान पक्षी प्रेमियों के लिए भी उत्तम है, जहाँ विभिन्न प्रकार के स्थानीय और प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं।
🚌 Tamor Pingla Wildlife Sanctuary तक कैसे पहुँचें? (How to Reach)
यह अभयारण्य सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है:
साधन (Mode) | विवरण (Details) |
|---|---|
✈️ हवाई मार्ग | निकटतम हवाई अड्डा वाराणसी (Varanasi) है, जो लगभग 200-250 किमी दूर है। रायपुर एयरपोर्ट काफी दूर है। |
🚆 रेल मार्ग | निकटतम रेलवे स्टेशन सूरजपुर (Surajpur) या अम्बिकापुर (Ambikapur) है। अम्बिकापुर से यह लगभग 100 किमी दूर है। |
🚗 सड़क मार्ग | यह अभयारण्य अम्बिकापुर-वाराणसी राज्य राजमार्ग पर स्थित है। अम्बिकापुर से टैक्सी या बस द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम कस्बा प्रतापपुर (Pratappur) है। |
📅 घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit)
Tamor Pingla Wildlife Sanctuary घूमने के लिए मौसम की जानकारी होना ज़रूरी है:
सर्दियाँ (नवंबर से फरवरी): यह सबसे अच्छा समय है। मौसम सुहावना होता है और जानवरों को देखने की संभावना अधिक होती है।
गर्मियाँ (मार्च से मई): गर्मी अधिक होती है, लेकिन जानवर पानी के स्रोतों के पास आसानी से दिख जाते हैं।
मानसून (जुलाई से सितंबर): भारी बारिश के कारण जंगल के रास्ते बंद हो सकते हैं, इसलिए इस समय जाने से बचें।
🏞️ आसपास के अन्य स्थल
Guru Ghasidas Tiger Reserve: (Internal Link) यह अभयारण्य अब इसी टाइगर रिजर्व का हिस्सा है।
कुदरगढ़ (Kudargarh): यहाँ माँ बागेश्वरी देवी का प्रसिद्ध मंदिर है, जो एक पहाड़ी पर स्थित है।
मैनपाट (Mainpat): छत्तीसगढ़ का शिमला, जो यहाँ से कुछ ही घंटों की दूरी पर है।
लोकेशन मैप (Location Map)
✍️ निष्कर्ष (Conclusion)
Tamor Pingla Wildlife Sanctuary प्रकृति की गोद में शांति और रोमांच की तलाश करने वालों के लिए एक आदर्श स्थान है। घने जंगलों, पहाड़ियों और वन्यजीवों का यह अनूठा संगम आपको मंत्रमुग्ध कर देगा। अगर आप छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से की यात्रा कर रहे हैं, तो इसे अपनी सूची में ज़रूर शामिल करें।
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