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📍 परिचय (Introduction)
छत्तीसगढ़ की उत्तरी सीमाओं पर Guru Ghasidas Tiger Reserve स्थित है। इसे तमोर पिंगला के साथ मिलाकर बनाया गया है। यह भारत का 53वाँ टाइगर रिजर्व है। इसके अलावा, यह छत्तीसगढ़ का चौथा टाइगर रिजर्व भी है। यह विशाल क्षेत्र सरगुजा और कोरिया (Koriya) जिलों में फैला हुआ है। साथ ही, यह मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले को भी कवर करता है। यह टाइगर रिजर्व अपने घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है।
दरअसल, यह क्षेत्र पहले गुरु घासीदास नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता था। इसमें तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य भी शामिल था। बाद में, अक्टूबर 2021 में इसे Guru Ghasidas Tiger Reserve का दर्जा मिला। यह दर्जा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने दिया। यह न केवल बाघों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। बल्कि, यह छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक विरासत का भी एक बड़ा हिस्सा है।
📜 इस टाइगर रिजर्व का महत्व और विस्तार
Guru Ghasidas Tiger Reserve का कुल क्षेत्रफल लगभग 2,048 वर्ग किलोमीटर है। यह मध्य प्रदेश के संजय-डुबरी टाइगर रिजर्व के पास है। नतीजतन, बाघों को घूमने के लिए एक बड़ा कॉरिडोर मिल जाता है।
इस क्षेत्र को टाइगर रिजर्व बनाने का एक मुख्य उद्देश्य है। वह उद्देश्य है छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या को बढ़ाना। साथ ही, उन्हें सुरक्षित निवास स्थान प्रदान करना। इस रिजर्व का नाम प्रसिद्ध समाज सुधारक गुरु घासीदास के नाम पर रखा गया है। इसमें स्थानीय तमोर पिंगला का क्षेत्र भी शामिल है।
🐆 Guru Ghasidas Tiger Reserve में वन्यजीव
यह विशाल जंगल विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों का घर है। उदाहरण के लिए, यहाँ साजा, साल और टीक के घने जंगल पाए जाते हैं। यहाँ के प्रमुख वन्यजीव इस प्रकार हैं:
बाघ (Tiger): यह रिजर्व बाघों की आबादी को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
तेंदुआ (Leopard): बाघों के अलावा, तेंदुए भी यहाँ काफी संख्या में देखे जाते हैं।
चीतल (Spotted Deer) और सांभर (Sambar): ये दोनों प्रजातियाँ मांसाहारी जीवों का मुख्य शिकार बनती हैं।
गौर (Indian Bison) और नीलगाय (Nilgai): आप इन्हें रिजर्व के घास के मैदानों में देख सकते हैं।
अन्य वन्यजीव: भालू (Sloth Bear), जंगली कुत्ते और लकड़बग्घा भी यहाँ पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ विभिन्न प्रकार के पक्षी भी मिलते हैं।
संक्षेप में, यह टाइगर रिजर्व पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है।
🚌 यहाँ कैसे पहुँचें? (How to Reach)
इस विशाल रिजर्व तक पहुँचना आसान है। यहाँ पहुँचने के लिए निम्नलिखित विकल्प हैं:
साधन (Mode)
विवरण (Details)
✈️ हवाई मार्ग
निकटतम एयरपोर्ट रायपुर (Swami Vivekananda Airport) है। यह यहाँ से लगभग 380-400 कि.मी. दूर है।
🚆 रेल मार्ग
निकटतम रेलवे स्टेशन अम्बिकापुर (Ambikapur) है। इसके अलावा, आप मनेंद्रगढ़ (Manendragarh) स्टेशन भी जा सकते हैं।
🚗 सड़क मार्ग
आप अम्बिकापुर से सड़क मार्ग द्वारा यहाँ आ सकते हैं। तमोर पिंगला क्षेत्र तक टैक्सी आसानी से मिल जाती है। सड़क मार्ग अच्छी स्थिति में है।
लोकेशन मैप (Location Map)
फोटो गैलरी (Photo Gallery)
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✍️ निष्कर्ष (Conclusion)
Guru Ghasidas Tamor Pingla Tiger Reserve छत्तीसगढ़ के लिए एक रोमांचक नई पहचान है। यह न केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक अद्भुत गंतव्य है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। अपनी अगली यात्रा के लिए इस नए टाइगर रिजर्व की खोज ज़रूर करें।

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